कविता- जब तक है यह जहान -सतीश कुमार सिंह

सतीश कुमार सिंह-जन्म 5 जून 1971 को जांजगीर चांपा जिले के ग्राम ठठारी में। शिक्षा : एम.ए. (हिन्द साहित्य) लेखन : गीत, ग़ज़ल, समकालीनकविता, सॉनेट, सामयिक विचार लेख। अनेक पुरस्कारों से सम्मानितसम्प्रति : शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जांजगीर क्रमांक 2 में अध्यापन।


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जब तक है यह जहान


 


धरती ने प्रेम किया अंबर से


धान और गेहूं की बालियां


उठ गईं आकाश की ओर


वृक्ष और वनस्पतियां


नतशीश हुए


आभार से भरे पक्षी


चहकने लगे सांझ सकारे


सूरज ने प्रेम किया धरती से


खिल उठे मिट्टी के रंग


महक उठे, दहक उठे


बासंती फूल


नदियों ने प्रेम किया सागर से


मछुओं ने तट पर


उत्सव को जन्म दिया


सभ्यताओं ने लिए आकार


पर्वतों ने प्रेम किया बादलों से


बरसे वे उमड़-घुमड़


गरजे भी रह रहकर


मैंने भी प्रेम किया तुमसे


कितनों की आन बिंध गई


सर पर उठे गिरे


कितने तो आसमान


पर मैं न हारूंगा


जब तक है यह जहान


 


                             सम्पर्कः पुराना कॉलेज के पीछे, बाजारपारा, जांजगीर, जिला- जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़-495668 मो.नं.: 9425231110