कविता - कविता - रोहित ठाकुर

रोहित ठाकुर  - जन्म : 6 दिसम्बर 1978 शैक्षणिक योग्यता : परा-स्नातक राजनीति विज्ञान विभिन्न प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिकाओं में कविताएँ प्रकाशित, विभिन्न कवि सम्मेलनों में काव्य पाठ वृत्ति : सिविल सेवा परीक्षा हेतु शिक्षण रूचि : हिन्दी-अंग्रेजी साहित्य अध्ययन


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कविता


 


यूरोप में बाजार का विस्तार हुआ है।


कविता का नहीं


कुआनो नदी पर लम्बी कविता के बाद


कई नदियों ने दम तोड़ा


लापता हो रही हैं लड़कियाँ


लापता हो रहे हैं बाघ


खिजाब लगाने वालों की संख्या बढ़ी है


इथियोपियाई औरतें इंतजार कर रही हैं


अपने बच्चों के मरने का


संसदीय इतिहास में भूख


एक अफ़वाह है


जिसे साबित कर दिया गया है


सबसे अधिक पढ़ी गई प्रेम की कविताएँ


पर उम्मीदी से अधिक हुई हैं हत्याएं


चक्रवातों के कई नए नाम रखे गए हैं


शहरों के नाम बदले गए


यही इस सदी का इतिहास है


जिसे अगली सदी में पढ़ाया जाएगा


इतिहास की कक्षाओं में


राजा के दो सींग होते हैं


सभी देशों में


यह बात किसने फैलाई है


हमारी बचपन की एक कहानी में


एक नाई था बम्बईया हज्जाम उसने।


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